UP मे यहां बनेगा 875 एकड़ मे Textile Machine Park, 40% तक सस्ती होंगी टेक्सटाइल मशीन

UP Textile Machine Park: उत्तर प्रदेश के कानपुर में देश का पहला टेक्सटाइल मशीन पार्क बनने जा रहा है। भोगनीपुर के पास चपरघटा गांव में 875 एकड़ में बनने वाले इस पार्क की खास बात यह है कि अब भारत में टेक्सटाइल सेक्टर की मशीनें विदेशी बाजारों से आयात नहीं करनी पड़ेंगी। इस समय हमारे देश में टेक्सटाइल से जुड़ी ज्यादातर मशीनें चीन, ताइवान, दक्षिण कोरिया और यूरोप जैसे देशों से मंगाई जाती हैं, जिस पर हर साल करीब 40 हजार करोड़ रुपये खर्च होते हैं। आने वाले पांच साल में यह खर्च बढ़कर 4 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने वाला है।

मेक इन इंडिया मिशन (make in india) के तहत अब भारत में ही टेक्सटाइल मशीनों का निर्माण शुरू होगा। इस पार्क में सर्कुलर निटिंग मशीन, फ्लैट निटिंग मशीन, डाइविंग मशीन, प्रिंटिंग मशीन, सिविंग मशीन और टेक्निकल टेक्सटाइल जैसी अत्याधुनिक मशीनें तैयार की जाएंगी। इससे न केवल देश की जरूरत पूरी होगी, बल्कि भारत टेक्सटाइल मशीनों के निर्माण में आत्मनिर्भर बन सकेगा।

इस टेक्सटाइल मशीन पार्क में 200 से ज्यादा बड़ी और मध्यम कंपनियों के प्लांट लगेंगे। अभी तक देश-विदेश की 35 से ज्यादा कंपनियों से बातचीत भी हो चुकी है। इस पूरे प्रोजेक्ट के तैयार होने के बाद करीब 1.5 लाख लोगों को रोजगार के नए मौके मिलेंगे। साथ ही इन मशीनों की लागत 40 प्रतिशत तक कम हो जाएगी और इनकी मेंटेनेंस के लिए यहीं पर कुशल तकनीकी विशेषज्ञ भी तैयार होंगे।

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MSME मंत्री राकेश सचान का कहना है कि टेक्सटाइल सेक्टर तेजी से बढ़ रहा है और मशीनों की डिमांड भी बढ़ रही है। ऐसे में ये पार्क देश को आत्मनिर्भर बनाने में बड़ा रोल निभाएगा। वहीँ टेक्सटाइल बिजनेस डाइजेस्ट के सीईओ रवि भूषण अरोड़ा का कहना है कि यूपी टेक्सटाइल सेक्टर में आगे बढ़ रहा है और आने वाले समय में यही मशीन पार्क भारत के टेक्सटाइल उद्योग की रीढ़ बनेगा।

इस टेक्सटाइल मशीन पार्क से न सिर्फ भारत में मशीनों की जरूरत पूरी होगी, बल्कि यहां से 30 हजार करोड़ रुपये का निर्यात भी किया जाएगा। यानी, देश में रोजगार, निवेश और आत्मनिर्भरता all in one प्रोजेक्ट। दोस्तों, यह है भारत के विकास की नई कहानी, जहां अब विदेश से मशीनें मंगाने की मजबूरी खत्म होगी और ‘मेक इन इंडिया’ का सपना सच होगा।

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